नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के खजूरी खास थाने में दो युवकों को कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखने और उनसे लाखों रुपये वसूलने के मामले ने पुलिस महकमे में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि चार पुलिसकर्मियों ने एक युवक को पकड़कर उसके पास मौजूद 10 किलो डोडा गायब कर दिया और उसे 24 घंटे से ज्यादा समय तक थाने में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान युवक और उसके पिता से कुल 1 लाख 75 हजार रुपये की वसूली किए जाने का आरोप है।
मामले में वजीराबाद थाना पुलिस ने सिपाही कपिल को पकड़ लिया, जबकि एसआई शुभम समेत अन्य आरोपी पुलिसकर्मियों के फरार होने की जानकारी सामने आई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए खजूरी खास थाने के एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। हालांकि पूरे घटनाक्रम में एसएचओ की भूमिका की जांच अभी जारी है।
बदायूं से दिल्ली पहुंचा था युवक, पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप
बरेली निवासी 21 वर्षीय पुष्पेंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह 16 अक्टूबर को बदायूं से 10 किलो डोडा लेकर दिल्ली के खजूरी खास इलाके में पहुंचा था।
आरोप है कि वहां चार पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। शिकायत के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने उसके पास से 85 हजार रुपये निकाल लिए और उसे थाने में बंद कर दिया।
पुष्पेंद्र का आरोप है कि उसके पास मौजूद डोडा भी गायब कर दिया गया। इस कथित बरामदगी और उसे पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने को लेकर भी सवाल उठे हैं।
पिता से मंगवाए पैसे, फिर भी नहीं छोड़ा
शिकायत के मुताबिक अगले दिन आरोपी पुलिसकर्मियों ने पुष्पेंद्र के पिता से संपर्क कर रुपये मंगवाए। पिता ने बेटे को छुड़ाने के लिए 50 हजार रुपये दिए, लेकिन आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी उसे रिहा नहीं किया गया।
इसके बाद कथित तौर पर एटीएम से 40 हजार रुपये और निकलवाए गए। इस तरह शिकायत में कुल 1 लाख 75 हजार रुपये की वसूली का आरोप लगाया गया है।
मामले में पुष्पेंद्र के अलावा सतवीर उर्फ आयुष नाम के एक अन्य युवक को भी बंधक बनाए जाने की बात सामने आई है।
पिता की शिकायत पर वजीराबाद पुलिस ने बिछाया जाल
लगातार पैसों की मांग और बेटे को नहीं छोड़े जाने के बाद पुष्पेंद्र के पिता ने वजीराबाद थाना पुलिस से शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की और आरोपी पुलिसकर्मियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इस कार्रवाई में सिपाही कपिल को पकड़ लिया गया।
हालांकि एसआई शुभम समेत अन्य पुलिसकर्मी कार से फरार हो गए। पुलिस अब उनकी तलाश कर रही है।
मामले में 18 अक्टूबर को स्वतंत्र जांच की गई और 19 अक्टूबर की रात प्राथमिकी दर्ज की गई।
SHO लाइन हाजिर, चार पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक थाने के भीतर युवकों को 24 घंटे से ज्यादा समय तक कथित तौर पर बंधक बनाए रखने और वसूली के गंभीर आरोपों को देखते हुए खजूरी खास थाने के एसएचओ को लाइन हाजिर किया गया है।
हालांकि एसएचओ की सीधे तौर पर संलिप्तता अभी स्पष्ट नहीं हुई है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि थाने के भीतर इतनी देर तक कथित अवैध हिरासत और पैसों के लेनदेन की जानकारी किन अधिकारियों को थी।
इस मामले में दो अन्य पुलिसकर्मियों की पहचान और उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
DIU को सौंपी जांच, डोडा गायब होने की भी होगी पड़ताल
पूरे मामले की जांच डिस्ट्रिक्ट इन्वेस्टिगेशन यूनिट (DIU) के इंस्पेक्टर राकेश यादव को सौंपी गई है।
जांच में युवकों को थाने में रखे जाने की परिस्थितियों, कथित वसूली, पैसों के लेनदेन और 10 किलो डोडा गायब होने के आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




