नई दिल्ली। त्रिपुरा के एक युवक को कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी का निशाना बनाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान सदर बाजार निवासी आमिर शौकीन के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी विवादित वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा चुका है, लेकिन अब उसे रिकॉर्ड करने वाले डिवाइस की तलाश की जा रही है। जरूरत पड़ने पर डिलीट किए गए डिजिटल डेटा को भी रिकवर करने की कोशिश की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वायरल वीडियो की तकनीकी जांच दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट करेगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया, उसे किसने रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर किस तरह प्रसारित किया गया।
वायरल वीडियो पर पुलिस ने खुद लिया संज्ञान
डीसीपी नॉर्थ निहारिका भट्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और सदर बाजार थाने में एफआईआर दर्ज की।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 196, 352 और 353 के तहत कार्रवाई की है। ये धाराएं अलग-अलग परिस्थितियों में दंगा भड़काने के लिए उकसाने, विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य या अफवाह फैलाने, शांति भंग करने के इरादे से अपमान और झूठी सूचना या अफवाह प्रसारित करने जैसे आरोपों से संबंधित हैं।
एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस ने गुरुवार को आमिर को गिरफ्तार कर लिया और अब उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
जांच के दौरान आरोपी का पिछला रिकॉर्ड भी खंगाला गया है। पुलिस के मुताबिक आमिर सदर बाजार थाने का घोषित बदमाश है और उसके खिलाफ पहले भी मारपीट तथा छेड़छाड़ से जुड़े मामले दर्ज हैं।
अब जांच का फोकस वायरल वीडियो से जुड़े डिजिटल सबूतों पर भी है। पुलिस उस मोबाइल फोन या अन्य डिवाइस की तलाश कर रही है, जिससे वीडियो रिकॉर्ड किया गया था।
डिवाइस बरामद होने पर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। पुलिस के मुताबिक अगर संबंधित वीडियो आरोपी के फोन से भी डिलीट किया गया है तो तकनीकी मदद से उसे रिकवर करने का प्रयास किया जाएगा।
विवाद बढ़ा तो सोशल मीडिया पर मांगी माफी
वीडियो को लेकर विवाद बढ़ने के बाद आरोपी की ओर से सोशल मीडिया पर कई वीडियो पोस्ट कर माफी मांगने की बात भी सामने आई है। उसने दावा किया कि विवादित वीडियो मजाक के तौर पर बनाया गया था और उसका उद्देश्य किसी विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
उसने यह दावा भी किया कि उसे त्रिपुरा के बारे में जानकारी नहीं थी और वह संबंधित समुदाय के लोगों के बीच जाकर माफी मांगने के लिए तैयार है। हालांकि पुलिस आरोपी के इन दावों से अलग वीडियो की वास्तविक सामग्री, उसे रिकॉर्ड किए जाने की परिस्थितियों और उसके प्रसार में आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।
डीसीपी के मुताबिक वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा को पुलिस ने गंभीर माना है और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है। वीडियो को लेकर त्रिपुरा में भी मामला दर्ज होने की बात सामने आई है, हालांकि इस संबंध में दिल्ली पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों का मुद्दा फिर चर्चा में
इस घटना ने दिल्ली में पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों और भेदभाव के मुद्दे को एक बार फिर सामने ला दिया है। चेहरे, खानपान, भाषा या पहनावे को लेकर लोगों को निशाना बनाए जाने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।
अब इस मामले में पुलिस वायरल वीडियो की डिजिटल कड़ियां जोड़ने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इसे बनाने और प्रसारित करने में और किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। फॉरेंसिक जांच और आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।




