खुर्जा में मौत बनकर गिरा हाईटेंशन तार, करंट से 14 साल के छात्र की गई जान; जर्जर लाइनों पर उठे सवाल

Must read

खुर्जा (बुलंदशहर)। शहर और आसपास के इलाकों में जर्जर हाईटेंशन लाइनों से पैदा हो रहा खतरा शनिवार को एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से करंट की चपेट में आए 14 वर्षीय अभय की मौत हो गई। अभय कक्षा नौवीं का छात्र था। हादसे के बाद क्षेत्र में बिजली लाइनों की स्थिति और उनकी देखरेख को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुर्जा क्षेत्र में कई स्थानों पर हाईटेंशन तार जर्जर हालत में हैं। कहीं तार काफी नीचे तक लटक रहे हैं तो कहीं पुरानी लाइनों की स्थिति लंबे समय से चिंता का कारण बनी हुई है। इसके बावजूद खतरे वाले स्थानों पर समय रहते प्रभावी सुधार नहीं किए जाने के आरोप लगते रहे हैं।

शनिवार को इसी तरह की एक हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से 14 वर्षीय अभय उसकी चपेट में आ गया। करंट लगने से छात्र की जान चली गई। एक किशोर की मौत के बाद अब सवाल उठ रहा है कि यदि जर्जर और नीचे लटक रही बिजली लाइनों की समय रहते मरम्मत की जाती तो क्या इस हादसे को रोका जा सकता था?

कई इलाकों में नीचे लटक रहे हाईटेंशन तार

जीटी रोड, मंदिर मार्ग और किला गांव मार्ग समेत खुर्जा के कई इलाकों में हाईटेंशन लाइनों की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आती रही हैं। दावा है कि कुछ स्थानों पर 11 केवी और 33 केवी की लाइनें जमीन से काफी कम ऊंचाई पर लटक रही हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है।

बिजली व्यवस्था की मरम्मत, पुरानी लाइनों को बदलने और नई लाइनें बिछाने के लिए विभागीय स्तर पर बजट खर्च किए जाने के बावजूद जमीनी हालात को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तार टूटने और करंट की चपेट में आने जैसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान दिखाई नहीं दे रहा।

छात्र की मौत के बाद फिर सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

हाईटेंशन लाइनों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अभय की मौत ने बिजली के तारों की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

हालांकि ऊर्जा निगम का कहना है कि जर्जर तारों को पहले ही बदला जा चुका है। एसडीओ नगर अविनाश चौधरी के मुताबिक विभिन्न स्थानों पर हाईटेंशन तारों के नीचे सुरक्षा जाल लगाने का काम भी किया जा रहा है।

विभाग के इस दावे के बीच शनिवार की घटना ने कई सवाल छोड़ दिए हैं। जिस तार के टूटने से छात्र की मौत हुई, उसकी स्थिति क्या थी, आखिरी बार उसकी जांच कब की गई थी और हादसे के लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं—इन सवालों का जवाब विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article