‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ (Lawrence of Punjab) डॉक्यू सीरीज का ट्रेलर सामने आते ही विवाद तेज हो गया है और इसे लेकर बैन की मांग भी उठने लगी है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज से पहले ही यह डॉक्यू सीरीज चर्चा का केंद्र बन गई है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक हर जगह इसी विषय पर बहस जारी है।
क्यों घिरी ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ (Lawrence of Punjab) विवादों में?
‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया और राजनीति में बहस तेज हो गई है। कई लोग इस डॉक्यू सीरीज पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा ने भी बैन की मांग उठाई है। साथ ही हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की अपील की गई है।
परिवार ने भी जताई आपत्ति
लॉरेंस बिश्नोई के परिवार ने भी इस डॉक्यू सीरीज का विरोध किया है। उनका कहना है कि बिना अनुमति और कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद इस तरह का कंटेंट दिखाना सही नहीं है।
पंजाब पुलिस की चिंता क्या है?
पंजाब पुलिस ने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यह डॉक्यू सीरीज अपराध का महिमामंडन कर सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और आपराधिक घटनाओं को नाटकीय रूप में दिखाया गया है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि इससे युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ सकता है और अपराध को सामान्य समझा जा सकता है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म से भी की गई अपील
पंजाब पुलिस ने ओटीटी प्लेटफॉर्म से इस डॉक्यू सीरीज को स्ट्रीम न करने और ट्रेलर हटाने की अपील की है। यह सीरीज 27 अप्रैल को रिलीज होने वाली है।
मेकर्स ने क्या कहा?
मेकर्स का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि समाज और बदलती सोच को समझाने की कोशिश है। लॉरेंस बिश्नोई को इसमें एक केस स्टडी के रूप में पेश किया गया है।
आगे क्या होगा?
‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ (Lawrence of Punjab) विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ बैन की मांग है, तो दूसरी ओर मेकर्स अपने पक्ष पर कायम हैं।
अब फैसला सरकार और संबंधित संस्थाओं के हाथ में है। क्या यह सीरीज रिलीज होगी या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।




